सुरज उपाध्याय की रिपोर्ट
मीरजापुर आरोप है कि खनिज विभाग के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे खनन माफिया दिन-रात अवैध खनन और कालाबाजारी में लगे हुए हैं।
वन विभाग के एक स्थानीय वाचर के मिली भगत से अवैध खनन संभव हुआ है। वन विभाग लालगंज रेंज के बॉर्डर से सटे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है, राजस्व की चोरी हो रही है। जहां पिलर, पटिया और बोल्डर निकाले जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वन विभाग के एक स्थानीय वाचर की मिलीभगत से यह अवैध गतिविधियां चल रही हैं। महुआरी कला क्षेत्र के निवासी इस अवैध खनन में शामिल बताए जा रहे हैं। यह अवैध खनन पिछले कई महीनों से जत्थाहवा के पास पतंगा के डेरा के पास झोरिया में पूर्वी हिस्से में हो रहा है, जो वन विभाग रेंज लालगंज-96 के अंतर्गत आता है। इससे राजस्व की चोरी बड़े पैमाने पर हो रही है और संबंधित विभाग इस ओर आंखें बंद किए हुए हैं।
_मीरजापुर में अवैध परिवहन के खिलाफ कुछ कार्रवाई भी हुई है, तीन साल पहले, जहां 11 वाहन सीज किए गए और तीन का ऑनलाइन चालान काटा गया, जिससे लगभग 21.50 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। लेकिन अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए और कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।_







