शिवबली राजपूत की रिपोर्ट
विंध्याचल। वृंदावन के प्रख्यात कथावाचक श्रद्धेय प्रभाकर कृष्ण जी महाराज के सान्निध्य में 8 सितंबर से 14 सितंबर 2025 तक अपूर्व रसमयी एवं संगीतमयी श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा सप्ताह का भव्य आयोजन हो रहा है। यह पवित्र आयोजन मार्कण्डेय मिश्र, शिवराम मिश्र, राजेश मिश्र, और कुबेर मिश्र के निज निवास पर प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। कथा में सैकड़ों श्रोताभक्त भक्ति और श्रद्धा के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण करने पहुंच रहे हैं, जिससे वातावरण भक्तिमय हो रहा है।
शनिवार, 13 सितंबर 2025 को कथा के दौरान प्रभाकर कृष्ण जी महाराज ने भक्तिमती मीरा के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने मीरा की भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट भक्ति, उनके भजनों की रसधारा और उनके जीवन के संघर्षों को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। मीरा के भजनों, जैसे “मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई,” ने श्रोताओं को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। कथावाचक ने बताया कि मीरा ने सामाजिक बंधनों को तोड़कर केवल श्रीकृष्ण की भक्ति को अपनाया, जो आज भी भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके जीवन की कठिनाइयों और भक्ति में अडिग विश्वास ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
यह कथा सप्ताह न केवल आध्यात्मिक ज्ञान का स्रोत बन रहा है, बल्कि भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम और समर्पण की गहराई को समझने का अवसर भी प्रदान कर रहा है। आयोजकों और श्रोताओं का उत्साह इस आयोजन को और भी विशेष बना रहा है। यह कथा सप्ताह भक्तों के लिए आध्यात्मिक उत्थान और भक्ति-रस का अनुपम अवसर सिद्ध हो रहा है।







